आ से ज्ञा तक | A Se Gya Tak — अ से ज्ञ तक वर्णमाला

हिंदी वर्णमाला के आ से ज्ञा तक सीखें, और अपने प्यारे बच्चों को आसानी से सिखाएं। इस पोस्ट को तैयार करने के लिए हमारी टीम ने कई पुस्तकों का अध्ययन किया है। अ से ज्ञ (A Se Gya Tak) अथवा आ से ज्ञा तक वर्णमाला (Aa Se Gya Tak) और क से ज्ञ तक (Ka Se Gya Tak In Hindi) आपके लिए सबसे अच्छा अक्षर तैयार किया गया है।

हमें पूरी उम्मीद हैं की, इस आर्टिकल के बाद आप बड़ी ही आसानी से A Se Gya Tak का जानकारी प्राप्त कर पाएंगे।

हम आपके लिए अ से ज्ञ तक वर्णमाला के पत्र और हस्ताक्षर लाए हैं जिसमें आप या कोई छोटा बच्चा सुविधा के लिए पढ़ और याद कर सकता है। यहां आपको प्रत्येक अक्षर से जुड़े शब्दों के बारे में भी पढ़ने को मिलेगा ताकि बच्चों को आसानी हो और वे आसानी से इन अक्षरों को क्रम से सीख सकें और याद कर सकें और सीख सकें। तो आइये सीखते है अ से ज्ञ तक। 

हिंदी वर्णमाला में कुल 52 वर्ण शामिल होते हैं। इनमें से वर्णो में 11 स्वर, 4 संयुक्त व्यंजन, 4 अन्तस्थ व्यंजन, 1 अनुस्वार, 4 ऊष्म व्यंजन, 25 स्पर्श व्यंजन, 2 द्विगुण व्यंजन और 1 विसर्ग शामिल हैं।

बच्चों की वर्णमाला पुस्तक में 49 वर्ण (अक्षर) हैं। लेकिन उच्च कक्षाओं की व्याकरण की किताब में वर्णमाला के 52 अक्षर होते हैं। 3 अतिरिक्त वर्ण अंत में लिखे गए हैं।

आ से ज्ञा तक | A Se Gya Tak
आ से ज्ञा तक | A Se Gya Tak

आ से ज्ञा तक | Aa Se Gya Tak

अब हम आपको अ से ज्ञ तक के हिंदी वर्णमाला में शामिल सभी वर्णों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो की इस प्रकार हैं। अ से ज्ञ तक के वर्ण अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ, अं, अः, क, ख, ग, घ, ड़, च, छ, ज, झ, ञ, ट, ठ, ड, ढ, ण, त, थ, द, ध, न, प, फ, ब, भ,म, य, र, ल, व, श, ष, स, ह, क्ष, त्र, ज्ञ

अ से अ: तक वर्णमाला

अं, अ:

क से ज्ञ तक वर्णमाला

ण, ड़, ढ़
क्षत्र, ज्ञ

Hindi Varnamala Aa Se Gya Tak

Hindi AlphabetEnglish SoundHindi WordsEnglish Words 
aअनारAnaar
aaआम Aam
iइमलीImlee
eeईख Eekh
uउल्लूUlloo
ooऊन Oon
eएक Ek
aiऐनक Ainak
oओखलीOkhalee
ouऔरतAurat
अंanअंगूठा Angootha
अःahaअःहाAhaha
anga*
nja*
na*
kaकमल Kamal
khaखरगोश Kharagosh
gaगर्मी Garmi
ghaघंटाGhanta
chaचम्मच Chammach
chhaछतरी Chhatri
jaजग Jag
jhaझंडा Jhanda
taटमाटरTamatar
thaठगThag
daडमरूDamru
dhaढक्कनDhakkan
taतरबूजTarbuj
thaथरमसTharmas
daदवाईDawai
dhaधनियाDhaniya
naनल Nal
paपानी Pani
phaफलPhal
baबकरीBakri
bhaभालूBhaloo
maमंदिर Mandir
yaयारYaar
raराम Ram
laलगन Lagan
vaवन Van
shaशगुन Shagun
shhaषटकोण Shhatkon
saसमयSamay
haहवा Hawa
क्षkshaक्षमा Kshama
ज्ञgyaज्ञान Gyan
त्रtriत्रिपाल Tripal
riऋषि Rishi
हम आपको बता दें की, ङ, ञ एवं ण वर्ण से किसी भी शब्द का शुरुआत नहीं होता है

हिन्दी वर्णमाला अ से ज्ञ तक

  • अ से अनानास
  • आ से आलू
  • इ से इमली
  • ई से ईट
  • उ से उल्लू
  • ऊ से ऊन
  • ऋ से ऋषि
  • ए से एक
  • ऐ से ऐनक
  • ओ से ओखली
  • औ से औरत
  • अं से अंगूर
  • :
  • क से कबूतर
  • ख से खरगोश
  • ग से गमला
  • घ से घर
  • च से चम्मच
  • छ से छतरी
  • ज से जहाज
  • झ से झंडा
  • ट से टमाटर
  • ठ से ठठेरा
  • ड से डमरू
  • ढ से ढोलक
  • त से तरबूज
  • थ से थरमस
  • द से दवाई
  • ध से धनुष
  • न से नल
  • प से पपीता
  • फ से फल
  • ब से बतख
  • भ से भालू
  • म से मक्का
  • य से यज्ञ
  • र से रथ
  • ल से लहसुन
  • व से वजन
  • श से शहनाई
  • ष से षटकोण
  • स से सांप
  • ह से हाथी
  • क्ष से क्षत्रिय
  • त्र से त्रिशूल
  • ज्ञ से ज्ञानी
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अ से अः तक वर्णमाला

A (अ)Aa (आ)I (इ)Ee (ई)U (उ)Oo (ऊ)
E (ए)Ai (ऐ)O (ओ)Ou (औ)An (अं)Aha (अः)Ri (ऋ)

से ज्ञ तक वर्णमाला

K (क)Kha (ख)Ga (ग)Gha (घ)Nya (ङ) 
Cha (च)Chha (छ)Ja (ज)Jha (झ)Na (ञ)
Ta (ट)Tha (ठ)Da (ड)Dha (ढ)Na (ण) 
Ta (त)Tha (थ)Da (द)Dha (ध)Na (न) 
Pa (प)Pha / Fha (फ)Ba (ब)Bha (भ)Ma (म) 
Ya (य)Ra (र)La (ल)Va (व)Sha (श) 
Sha (ष)Sa (स)Ha (ह) Ksha (क्ष) & Tra (त्र)Gya (ज्ञ)

वर्ण किसे कहते हैं?

हम आपको बता दें की, वर्ण भाषा की सबसे छोटी इकाई ध्वनि होती हैं। इसके साथ ही वर्ण दो प्रकार के होते है। जिसमे पहला स्वर वर्ण और दूसरा व्यंजन वर्ण होता हैं।

किसी भी भाषा की सबसे छोटी इकाई को ध्वनि कहते हैं। प्रत्येक ध्वनि को लिखने का एक निश्चित चिन्ह होता है। ध्वनि के बोले जाने वाले और लिखित रूप को वर्ण कहते हैं।

हिन्दी भाषा की सबसे छोटी लिखित इकाई जिसमें सभी अक्षरों के समूह को व्यवस्थित रूप से लिखा जाता है, वर्णमाला कहलाती है। शब्दों के अर्थपूर्ण समुच्चय को शब्द कहते हैं। शब्दों के सार्थक समूह को वाक्य कहते हैं।

स्वर वर्ण किसे कहते हैं?

वो सभी वर्ण जिनके उच्चारण करने पर एक ही तरह का ध्वनि उतपन होती हैं, उन्हें स्वर्ण वर्ण कहते है। स्वर्ण वर्ण के निम्न उदाहरण हैं, जैसे: अ, इ, उ, इत्यादि।

हम आपको बता दें की, वर्णमाला में 11 स्वर शामिल होते हैं, लेकिन वहीं अं और अः को शामिल करने के बाद स्वरों की कुल संख्या 13 हो जाती है, जो की निम्नलिखित हैं।

अंअः

स्वर के कितने प्रकार होते हैं?

  • हृस्व स्वर: वह सभी स्वर जिनके उच्चारण में काफी कम वक़्त लगता है, उन्हें हृस्व स्वर कहा जाता हैं। इसके निम्न उदाहरण हैं, जैसे की; अ, इ, उ, इत्यादि।
  • दीर्घ स्वर: वो सभी वर्ण जिनके उच्चारण में ह्रस्व स्वर से दुगना वक़्त लगता है, उन्हें स्वर दीर्घ स्वर कहा जाता हैं। इसके निम्न उदाहरण हैं, जैसे की; आ, ई, ऊ, ऐ, ओ, औ, इत्यादि।
  • प्लुत स्वर: वो सभी वर्ण जिसके उच्चारण में हृस्व स्वर से तीन गुना एवं दीर्घ स्वर से दोगुना वक़्त लगता हैं, उन्हें प्लुत स्वर वह स्वर कहा जाता हैं। इसके निम्न उदाहरण हैं, जैसे की; राऽऽम, ओऽऽम, इत्यादि।

व्यंजन वर्ण किसे कहते हैं?

वे सभी वर्ण जिनके उच्चारण करते वक़्त दो ध्वनियाँ सुनाई पड़ती हैं, वो सभी वर्णों को व्यंजन वर्ण कहा जाता है। व्यंजन के कुछ निम्नलिखित प्रकार होते हैं, जोकि आप निचे विस्तार से समझ सकते हैं।

स्पर्श व्यंजन:

वो सभी व्यंजन वर्ण जिनके उच्चारण के वक़्त हवा की टकराहट, तालु, कंठ, दन्त, मूर्धा, ओष्ठ को छूते हुए जाता हैं। उन सभी वर्णों को स्पर्श व्यंजन कहा जाता हैं।

कंठ वर्णक, ख, ग, घ, ङ।
तालु वर्णच, छ, ज, झ, ञ।
मूर्धा वर्णट, ठ, ड, ढ, ण।
दन्त वर्णत, थ, द, ध, न।
ओष्ठ वर्णप, फ, ब, भ, म।
अ से ज्ञ तक वर्णमाला
आ से ज्ञा तक

अन्तःस्थ व्यंजन:

वे सभी वर्ण जिनका उच्चारण स्वरों और व्यंजनों के बीच होता हैं, उनको अन्तःस्थ व्यंजन कहा जाता हैं। इसके निम्नलिखित उदाहरण हैं; य, र, ल, और व।

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उत्क्षित / द्विगुण व्यंजन:

वो सभी वर्णो जिनके उच्चारण में जिह्व ऊपर उठकर मूर्धा को छूते हुए तुरंत नीचे आ जाये, उनको द्विगुण व्यंजन कहा जाता हैं। इसके निम्नलिखित उदाहरण हैं; ड़ और ढ़।

ऊष्म या संघर्षी व्यंजन:

वो सभी वर्णो जिनके उच्चारण में जिह्व से विशेष प्रकार की गर्मी अर्थात ऊष्म, वायु निकलती हैं, उनको ऊष्म व्यंजन कहा जाता हैं। इसके निम्नलिखित उदाहरण हैं; श, ष, स और ह।

संयुक्त व्यंजन:

वो सभी वर्ण जो दो अक्षरों से बने होते हैं, उन्हें संयुक्त व्यंजन कहते हैं। इसके निम्नलिखित उदाहरण हैं; क्ष, त्र, ज्ञ और श्र।

व्यंजन वर्ण के 5 वर्ग समूह होते हैं।

क वर्ग क, ख, ग, घ, ङ
च वर्ग च, छ, ज, झ, ञ
ट  वर्गट, ठ, ड, ढ, ण
त  वर्ग त, थ, द, ध, न
प  वर्गप, फ, ब, भ, म

स्वर तंत्रियों के कम्पन के आधार पर व्यंजनों के भेद

  • अघोष वर्ण: वे सभी वर्ण जिनके उच्चारण में केवल श्वास का ही उपयोग होता हैं, इन्हें अघोष व्यंजन कहा जाता हैं। इसके निम्नलिखित उदाहरण हैं; क, ख, च, छ, ट, ठ, त, थ, प, फ, श, ष और
  • सघोष वर्ण: वे सभी वर्ण जिनमें सिर्फ नाद का प्रयोग होता हैं, या जिन वर्णो के उच्चारण में कम्पन होता हैं, उन वर्णों को सघोष वर्ण कहा जाता हैं। इसके निम्नलिखित उदाहरण हैं; ग, घ, ज, झ, द, ध, ड, ढ, ब और

प्राण वायु के आधार पर व्यंजनों के भेद

  • अल्प प्राण वर्ण: वे सभी व्यंजन जिनके उच्चारण में काफी कम वक़्त लगता हैं, और इसके उच्चारण करते वक़्त मुँह से कम हवा निकलता हैं, उनको अल्प प्राण वर्ण कहा जाता हैं। इसके निम्नलिखित उदाहरण हैं; क, ख , ङ, च, छ, ञ, ट, ड, ण, ड़, त, द, न, प, ब, म, य, र, ल और
  • महाप्राण वर्ण: वे सभी व्यंजन जिनके उच्चारण में अधिक वक़्त लगता हैं, और इसके उच्चारण करते वक़्त मुँह से अधिक हवा निकलता हैं, उनको महाप्राण वर्ण कहा जाता हैं। इसके निम्नलिखित उदाहरण हैं; ख, घ, छ, झ, ठ, ढ, थ, ध, फ, भ, ढ़, श, ष, स और ह।

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