पेपर वायरल होने पर मैट्रिक सामाजिक विज्ञान की प्रथम पाली की परीक्षा रद

बिहार में मैट्रिक की सामाजिक विज्ञान विषय की पहली पारी में हुई परीक्षा रद्द हो गई है। शुक्रवार की सुबह परीक्षा से पहले ही इस विषय का पेपर लीक हो गया था। इसी के बाद बोर्ड ने यह निर्णय लिया है। बोर्ड ने बताया कि सामाजिक विज्ञान का पेपर जमुई से लीक हुआ है। जिसके बाद पहली पाली में हुई परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया है।

दरअसल बिहार में कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा जारी है। इसी बीच जमुई से पेपर लीक मामले को लेकर शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान खूब हंगामा देखने को मिला।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पेपर लीक मामले पर नीतीश सरकार से सवाल पूछे। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में हर परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है। वहीं सीएम नीतीश कुमार ने पेपर लीक मामले पर जांच के आदेश दिए हैं। वहीं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने आज पहली पारी में हुई सोशल साइंस की परीक्षा रद्द कर दी है।

पेपर वायरल होने पर मैट्रिक सामाजिक विज्ञान की प्रथम पाली की परीक्षा रद
पेपर वायरल होने पर मैट्रिक सामाजिक विज्ञान की प्रथम पाली की परीक्षा रद 2

मैट्रिक की सामाजिक विज्ञान की परीक्षा रद्द, सुबह पेपर हुआ था लीक

बिहार बोर्ड ने शुक्रवार को आयोजित मैट्रिक परीक्षा के सामाजिक विज्ञान विषय की प्रथम पाली की परीक्षा को रद्द कर दिया है। अब यह परीक्षा दोबारा आठ मार्च को आयोजित की जाएगी। इसकी जानकारी बिहार बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने दी।

उन्होंने बताया कि सामाजिक विज्ञान के प्रथम पाली में आठ लाख 46 हजार 504 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। अब इनकी परीक्षा आठ मार्च को दोबारा ली जाएगी।

उन्होंने बताया कि प्रश्न पत्र लीक मामले की पूरी जांच की गई है। जांच में पता चला कि सामाजिक विज्ञान की प्रथम पाली की परीक्षा के क्रम में 111-0470581 क्रमांक का प्रश्न पत्र जमुई जिले में किसी अन्य व्यक्ति के वॉट्सऐप पर भेजा गया।

यह प्रशन पत्र जमुई जिले के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ब्रांच, झाझा से हुआ है। सुबह परीक्षा शुरू होने के पूर्व बैंक से प्रश्न पत्र को निकाले जाने और इसका फोटो खींचकर वॉट्सऐप पर भेजे जाने की संभावना ज्ञात हुई है।

कई पर प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश

बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर की मानें तो कई लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। इससे पहले जिलापदाधिकारी जमुई और पुलिस अधीक्षक जमुई को इस संबंध में निर्देश दिया गया था। पूरी जांच पड़ताल की गई है।

पुलिस द्वारा इस मामले की विस्तृत छानबीन की जा रही है। प्रारंभिक जांच में एसबीआई झाझा के संविदा कर्मी विकास कुमार की संलिप्तता है।

इसके साथ बैंक के तीन अन्य कर्मी शशिकांत चौधरी, अजीत कुमार और अमित कुमार सिंह द्वारा लापरवाही देखी गई है।

पुलिस द्वारा इनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि बैंक के कर्मी विकास कुमार के संबंधी मैट्रिक परीक्षा में सम्मलित हुए है। इसकी जांच चल रही है।

दोषी के खिलाफ होगी कानूनी कार्रवाई

बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि समिति के निर्दश के आलोक में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस द्वारा अनुसंधान किया जा रहा है।

जो भी सरकारी या निजी व्यक्ति इस कार्य में सम्मलित पाए जाएंगे, उनके विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियमानुसार गिरफ्तार किया जाएगा और कानूनी प्रावधानों के अनुसार कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

प्रथम पाली में 8,46,504 परीक्षार्थी हुए थे शामिल

जांच में यह भी पाया गया कि प्रश्न पत्र वायरल करने वाले विकास कुमार का संबंधी भी मैट्रिक की परीक्षा में शामिल है। बोर्ड ने सभी मामले की जांच के उपरांत मैट्रिक की प्रथम पाली की परीक्षा रद कर दी है।

प्रथम पाली की परीक्षा में 8,46,504 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। समिति के निर्देश पर प्रश्न पत्र आउट करने के मामले में मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। अब तक जमुई के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी गई है। विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई है।

जांच के क्रम में पाया गया कि बैंक में संविदा पर काम करने वाले कर्मी विकास कुमार की संलिप्तता हो सकती है। इसके अलावा बैंककर्मी शशिकांत चौधरी, अजीत कुमार, एवं अमित कुमार सिंह की भी कर्तव्यपालन में घोर लापरवाही पाई गई।

उनकी भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है। जांच में पाया गया कि शुक्रवार की सुबह परीक्षा शुरू होने से पहले एसबीआइ झाझा से प्रश्न पत्र निकालकर फोटो खींचकर उसे व्हाट्सअप पर भेजा गया है। वायरल प्रश्न पत्र का क्रमांक 111-0470581 है।

यह प्रश्न पत्र बोर्ड ने जमुई में भेजा था। इस मामले में परीक्षा समिति ने प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। साथ ही पुलिस द्वारा मामले की छानबीन की जा रही है।

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