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Bihar Schools Mission Daksh: आज से बिहार के स्कूलों में मिशन दक्ष की शुरुआत, जानिए इसे लेकर क्या है केके पाठक का आदेश?

आज से बिहार के सभी Bihar Schools Mission Daksh में मिशन दक्ष की शुरुआत की जा रही है, इसमें कमजोर बच्चों को अलग से शिक्षा दी जाएगी और उनकी परीक्षा भी अलग से होगी। बिहार के लाखों बच्चों के लिए अलग से कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इन लड़के-लड़कियों के लिए अलग-अलग परीक्षा भी होगी। साथ ही उनका परीक्षा कैलेंडर भी जारी कर दिया गया है। 1 दिसंबर 2023 से दक्ष वर्ग का आयोजन होने जा रहा है।

आप विशेष कक्षा में पढ़कर यह परीक्षा उत्तीर्ण करेंगे। इस योजना के तहत Bihar School Examination Board के स्कूलों के कमजोर बच्चों की सूची तैयार की गई। प्रत्येक कक्षा से पांच बच्चों का चयन किया गया। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी श्याम नंदन का आदेश है कि इन बच्चों के लिए एक दिसंबर से कक्षाएं संचालित की जाये, बच्चों की छुट्टी के बाद विशेष कक्षाएं संचालित की जायेंगी।

Bihar Schools Mission Daksh प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है

यह विशेष कक्षा प्रतिदिन विद्यालय समय के बाद 3:30 से 4:15 बजे तक चलेगी, इसमें वे बच्चे शामिल होंगे जो हिंदी की किताबें ठीक से नहीं पढ़ पाते। वहीं गणित के जिन बच्चों को अंक पहचानने में दिक्कत होती है, इसमें उन्हें भी शामिल किया जायेगा।

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15 मार्च 2024 तक इन बच्चों को पढ़ाई में अच्छा बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, अगर ये बच्चे परीक्षा में सफल नहीं हुए तो हेडमास्टर पर भी कार्रवाई होगी। Bihar Education Department के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने इसे लेकर आदेश भी जारी किया था।

Bihar Board Annual Exam 2024 मार्च के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी। इन बच्चों के लिए यह BSEB Exam पास करना जरूरी है। यदि ये बच्चे कक्षा में फेल होते हैं तो संबंधित शिक्षक या प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई हो सकती है।

जिला पदाधिकारियों की अध्यक्षता में एक समिति का गठन

इसको लेकर केके पाठक ने सभी जिला पदाधिकारियों को पत्र लिखा था. प्रभावी योजना के संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये हैं। जिला अधिकारियों की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। KK Pathak ने आदेश दिया है कि प्रत्येक शिक्षक को अधिकतम पांच बच्चों को पढ़ाना होगा, शिक्षकों को कमजोर बच्चों को गोद लेना होगा।

अपनी कक्षा के स्तर से कम ज्ञान वाले बच्चों को पढ़ाई में अव्वल बनाना होगा। इसमें माध्यमिक शिक्षकों की अहम भूमिका रहने वाली है, स्कूलों में शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति भी लगाई जाएगी।

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