रामायणी रॉय मैट्रिक रिजल्ट में 487 नंबर प्राप्त कर के बनी बिहार स्टेट टॉपर

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औरंगाबाद के दाउदनगर स्थित पटेल हाई स्कूल की छात्रा रामायणी राय बिहार की टॉपर बनी हैं. उसे कुल 500 में से 487 अंक मिले हैं। रामायणी को 97 फीसदी अंक मिले हैं। रामायणी कहती हैं कि उन्हें उम्मीद थी कि अच्छे अंक आएंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें पढ़ना-लिखना अच्छा लगता है। आगे वह पत्रकार बनना चाहती हैं, ताकि गरीबों की बात देश और दुनिया के सामने रख सकें. बेटी की इस उपलब्धि से पिता जितेंद्र कुमार बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि एक पिता के लिए इससे बड़ी खुशी की बात और क्या हो सकती है। रामायणी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ज्ञान्यांग्य स्कूल दाउदनगर से की। बेटी की सफलता से पूरे जिले में खुशी का माहौल है।

रामायणी ने बताया कि कोरोना के समय में जब ऑफलाइन पढ़ाई बंद थी तो वह ऑनलाइन क्लासेज के जरिए पढ़ाई करती थी। उसने बताया कि वह यूट्यूब से पढ़कर भी अपनी शंकाएं दूर करती थी। रामायणी ने सेल्फ स्टडी को बताया अपनी सफलता का राज, उसने कहा कि वह हर दिन 3 से 4 घंटे लगन से पढ़ाई करती थी। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं। आपको बता दें, की रामायणी रॉय ने बिहार बोर्ड मैट्रिक कक्षा में 487 अंक (97.4 फीसदी) प्राप्त करके इतिहास रच दिया है। क्यूंकि आजतक कोई भी छात्र बीएसईबी दसवीं परीक्षा में इतना नंबर प्राप्त नहीं कर पाए थे।

सेकेंड टॉपर नवादा की सानिया कुमारी और मधुबनी के विवेक कुमार ठाकुर रहे. दोनों को 486 नंबर मिले हैं. औरंगाबाद की प्रज्ञा कुमारी ने 485 नंबर हासिल कर तीसरा स्थान हासिल किया है.

पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहती हैं रामायणी राय

बिहारी बोर्ड 10वीं की परीक्षा टॉपर रामायणी राय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहती हैं। रामायणी को उसकी शिक्षिका ने बताया कि वह अव्वल है। रामायणी ने बताया कि इसमें उनके शिक्षकों और माता-पिता का बहुत बड़ा योगदान है। बताया कि माता-पिता का अपने बच्चे पर भरोसा होना जरूरी है। कहा कि मेरे माता-पिता ने मुझ पर भरोसा रखा और इसी का नतीजा था कि वह टॉपर बनीं।

बता दें कि रामायणी राय के पिता पेशे से डॉक्टर हैं जबकि माता एक शिक्षिका हैं. रामायणी राय के टॉप करने पर उनके घर के साथ-साथ पूरे इलाके में खुशी की लहर है. परिजनों ने बताया कि ये बेहद गर्व कराने वाला पल है कि उनकी बेटी ने पूरे जिले का नाम रौशन किया है. इसका श्रेय वो रामायणी की मेहनत को देते हैं.

मैट्रिक परीक्षा में 16.48 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए

बता दें कि इस बार मैट्रिक की परीक्षा में 16.48 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी से 24 फरवरी तक हुई थी। पूरे राज्य में 1525 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, लेकिन मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन मोतिहारी जिले में पहली पाली में गणित की परीक्षा का पेपर लीक हो गया. जिसके बाद 24 मार्च को 25 केंद्रों पर मैट्रिक की दोबारा परीक्षा हुई। 19,628 उम्मीदवार पुन: परीक्षा में शामिल हुए।

Ramayani Roy became the Bihar state topper

टॉप 3 में शामिल छात्रों को मिलेगा इनाम

मैट्रिक में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को एक लाख रुपये के ईनाम की घोषणा की गई है। साथ ही एक-एक लैपटॉप, किंडर बुक रीडर, प्रशस्ति पत्र और मेडल भी मिलेगा। वहीं, दूसरे स्थान पर आने वाले सभी टॉपर्स को 75-75 हजार और तीसरे स्थान के टॉपर को 50-50 हजार रुपये इनाम के तौर पर दिए जाएंगे.

टॉप 10 में इस बार कुल 47 परीक्षार्थी

मैट्रिक के रिजल्ट में एक बार फिर लड़कियों ने बाजी मारी है. रामायणी राय 487 (97.4%) अंकों के साथ पहले स्थान पर रहीं। वहीं दूसरे नंबर दो परीक्षार्थी संयुक्त रूप से थे, जिसमें सानिया कुमारी और विवेक कुमार ठाकुर ने 486 (97.2%) अंक हासिल किए हैं. प्रज्ञा कुमारी जहां तीसरे नंबर पर थीं, वहीं उन्हें 485 अंक मिले हैं.

टॉप 10 में इस बार कुल 47 परीक्षार्थियों का कब्जा रहा है. टॉप 5 में 8 जबकि 6 से 10 के बीच इस बार कुल 39 परीक्षार्थियों ने जगह बनायी है. इनमें भोजपुर, भागलपुर, जमुई, समस्तीपुर, शिवहर, पटना, औरंगाबाद, नालंदा, मुंगेर,गया और किशनगंज के परीक्षार्थी शामिल हैं.

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