Bihar Teacher Posting Joining Letter: बिहार में शिक्षकों का आज मिलेगा पोस्टिंग ज्वाइनिंग लेटर, ये होगा पोस्टिंग का आधार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज यानी 2 नवंबर 2023 को चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देंगे, लेकिन इन शिक्षकों के मन में एक ही सवाल है कि नियुक्ति पत्र मिलने के बाद पोस्टिंग किस आधार पर की जाएगी? उन्हें कौन सा स्कूल पहले मिलेगा? ये वो सवाल हैं जिनका जवाब सभी नवनियुक्त शिक्षक जानना चाहते हैं। जानकारी के मुताबिक चयनित शिक्षकों की पोस्टिंग में ग्रामीण स्कूलों को प्राथमिकता दी जायेगी।

आपको बता दें कि गुरुवार को Chief Minister Nitish Kumar गांधी मैदान में शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देंगे। इससे पहले बिहार शिक्षा विभाग ने नवनियुक्त शिक्षकों की पोस्टिंग के लिए होमवर्क कर लिया है।

खबर है कि विभाग इसके अनुरूप कार्ययोजना को भी अंतिम रूप दे रहा है। बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग शिक्षकों की तैनाती में ग्रामीण इलाकों के स्कूलों को प्राथमिकता देने के मूड में है, इसको लेकर शिक्षा विभाग ने भी अपने स्तर पर तैयारी तेज कर दी है।

ऐसे होगा स्कूलों का आवंटन

Bihar Education Department से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य में शहरी इलाकों की तुलना में ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, इसलिए शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में आवंटित किया जाएगा।

उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 9 एवं 10 के सभी पद दिये गये हैं। बता दें कि उत्क्रमित विद्यालय गांवों में ही स्थापित किये जाते हैं। इसके अलावा 11वीं और 12वीं कक्षा के शिक्षकों के ज्यादातर पद भी ग्रामीण इलाकों के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में दिए गए हैं।

सॉफ्टवेयर के माध्यम से शिक्षकों की पोस्टिंग

बिहार शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक शहरी क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध कराने का फैसला जिला शिक्षा पदाधिकारी की अनुशंसा पर लिया गया है, साफ है कि शिक्षा विभाग उन स्कूलों को प्राथमिकता देगा जहां छात्रों की संख्या अधिक है और शिक्षक कम हैं। इसके अनुसार स्कूलों के नाम और विषयवार पदों को सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जा रहा है।

पोस्टिंग में अधिकारियों की कोई भूमिका नहीं

जानकारी के मुताबिक सॉफ्टवेयर में शिक्षकों के नाम भी फीड किये जा रहे हैं, सॉफ्टवेयर के जरिए ही शिक्षकों को स्कूल आवंटित किए जाएंगे। किस शिक्षक को कौन सा स्कूल मिलेगा, इसमें अधिकारियों की ज्यादा भूमिका नहीं होगी।

साफ है कि जिस बिहार के सरकारी स्कूल में एक भी शिक्षक नहीं है, वहां सॉफ्टवेयर सबसे पहले शिक्षकों की नियुक्ति करेगा।

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