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KK Pathak Command Center: केके पाठक द्वारा विशेष ‘कमांड एंड कंट्रोल’ सेंटर सक्रिय, बिहार के सभी स्कूलों और शिक्षकों पर एसीएस की पैनी नजर

केके पाठक ने अभिभावकों से कहा कि आप अपने बच्चे को भेजेंगे तो हम साइकिल, पोशाक, छात्रवृत्ति देंगे। उन्हें शिक्षित करेंगे, लेकिन योजनाओ का लाभ देने के चक्कर में पढ़ाई पीछे छूट गई है। यदि हम बच्चों को शिक्षित नहीं करेंगे तो घर पर उन्हें पढ़ाने वाला कोई नहीं होगा।

ये बातें KK Pathak ने दिसंबर में एक स्कूल के निरीक्षण के दौरान नवनियुक्त बीपीएससी शिक्षकों से कही थीं। केके पाठक कड़े फैसले लेते हैं। नेता और शिक्षक संघ के नेता उन्हें अलोकतांत्रिक बताते नहीं थकते हैं। केके पाठक शिक्षकों को निलंबित करते हैं। वेतन बंद कर देते हैं। गैरहाजिर छात्रों के नाम भी काट देते हैं। 

केके पाठक ने पूरे बिहार के शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों के साथ-साथ छात्रों और शिक्षकों पर नजर रखने के लिए एक विशेष कमांड सेंटर का गठन किया है, यह कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पटना सचिवालय के शिक्षा विभाग में मौजूद है।  इसका उद्देश्य यह है कि आप शिक्षा विभाग और शिक्षकों के अलावा स्कूल से संबंधित कोई भी शिकायत यहां फोन करके दर्ज करा सकते हैं। विभाग की ओर से टोल फ्री नंबर जारी किये गये हैं। आप इन नंबरों 14417 और 18003454417 पर कॉल करके शिकायत कर सकते हैं।

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टोल फ्री नंबर हुआ जारी

जब से यह नंबर जारी हुआ है, ग्रामीण इलाकों से लगातार फोन आते रहते हैं। KK Pathak के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में शिक्षकों की सारी गतिविधियां और शिक्षा अधिकारियों की हर गतिविधि रिकार्ड होती है।

केके पाठक की 34 महिला-पुरुष सदस्यों की टीम बिहार के अलग-अलग इलाकों से आने वाली शिकायतों को सुनती है। एसी रूम में बैठे ये 34 पुरुष और महिलाएं सारी शिकायतें नोट करते हैं, इसके बाद उसे आगे भेजा जाता है। Bihar Education Department में केके पाठक के नाम का इतना खौफ है कि लोग उनका नाम सुनते ही काम शुरू कर देते हैं। 

34 कर्मचारियों की विशेष टीम

इन टोल फ्री नंबरों के माध्यम से केके पाठक को सभी गतिविधियों की जानकारी मिलती रहती है। ये बिहार के अलग-अलग इलाकों से आते हैं। शिकायत के तौर पर विद्यालय में शिक्षक नहीं हैं, मध्याह्न भोजन देर से आता है। विद्यार्थियों को यूनिफार्म नहीं मिली है। कमांड सेंटर में कर्मचारी कंप्यूटर स्क्रीन को घूरते रहते हैं। वे हर चीज़ पर नज़र रखते हैं. यह कोई कॉल सेंटर भी नहीं है, यह एक कमांड और कंट्रोल रूम है। ये पूरी प्लानिंग केके पाठक की सोच का नतीजा है, 24 घंटे उनके साथ रहने वाले विशेष कार्य पदाधिकारी केके पाठक का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह विकेंद्रीकृत करने पर काम चल रहा है।

कमांड एवं कंट्रोल सेंटर मुख्य केंद्र के रूप में कार्य करता है। यह एक शिकायत निवारण सेल की तरह सक्रिय रहता है। इसमें प्रतिदिन 250 से अधिक लोग फोन कर शिकायत करते हैं। उन शिकायतों पर बाकायदा फाइल तैयार की जाती है, उस पर ध्यान दिया जाता है। सेंटर पर कॉल करने वाले से कर्मचारी सारी जानकारी लेते हैं। वे पूछते हैं कहां से बोल रहे हो, पूरा पता बताओ। इसके बाद जिस स्कूल के बारे में आप शिकायत कर रहे हैं, जहां यह स्थित है? शिक्षक कब से स्कूल नहीं आ रहे हैं आदि जैसे सवाल पूछे जाते हैं।

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