Harsv Swar Kise Kahate Hain | ह्रस्व स्वर कितने होते हैं

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Harsv Swar: स्वर वर्ण वो होते हैं, जिनके उच्चारण करते वक़्त किसी अन्य दूसरे वर्ण की मदद की आवश्यक नही ली जाती हैं, उनको कहा जाता हैं, जबकि व्यंजन वर्ण के उच्चारण करते समय में स्वर वर्ण की मदद ली जाती हैं।

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और हम इस पोस्ट में आपको ह्रस्व स्वर कितने होते हैं? हर्ष स्वर किसे कहते हैं, के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। हर्ष स्वर का एक भेद होता हैं, अगर इसकी व्याख्या करें तो, वो सभी स्वरों जिनके उच्चारण करते वक़्त में कम से कम समय लगता हैं, उनको Hasv Swar कहा जाता हैं। हृस्व स्वर कुल चार प्रकार होते हैं, जो की निम्न हैं — अ, इ, उ, ऋ

अगर आप क्या Hasv Swar का परिभाषा जानना चाहते हैं, एवं कुल संख्या एवं उनके उदाहरण जानना चाहते हैं? तो आप एकदम सही पोस्ट पढ़ने जा रहे हैं। कृपया आप Harsh Swar पोस्ट को अंत तक ध्यानपूर्वक अवश्य ही पढ़े, हम इस पोस्ट में harsh swar kitne prkar ke hote hain के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा करने जा रहे हैं।

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ह्रस्व स्वर किसे कहते हैं

हर्ष स्वर (Hasv Swar) को एक दूसरे नाम से भी जाना जाता है, हर्ष स्वर का दूसरा नाम मात्रिक स्वर भी है। और इसकी व्याख्या करें तो, वो सभी स्वर जिनके स्वरों के उच्चारण करते वक़्त काफी कम समय लगता हैं, यानि की एक मात्रा भर का समय लगता हैं, उन सभी स्वरों को हृस्व स्वर कहा जाता हैं।

Harsv Swar कितने होते हैं

जैसा के हमने आपको ऊपर में ही बताया की, हिंदी व्याकरण के पुस्तकों के आधार पर, हृस्व स्वरों की कुल संख्या चार की होती हैं। साथ ही हम आपको बता दें की, हिंदी वर्णमाला में टोटल 11 स्वर होते हैं, और उनमें से अ, इ, उ, ऋ, यानि की कुल चार (4) हर्ष स्वर शामिल होते हैं।

Hasv Swar के कितने भेद होते हैं

यहां हम आपको बताना चाहेंगे की, दो हर्ष स्वरों में संधि करके ही दीर्घ स्वर को उच्चारित किया जा सकता है। इसके साथ ही आपको ये भी पता होना चाहिए की, उच्चारण के अनुसार स्वर के कुल तीन प्रकार होते हैं. जिनमें हर्ष स्वर, दीर्घ स्वर और प्लुत स्वर शामिल हैं।

इतना ही नहीं, मूल और मात्रा स्वर के अन्य दो प्रकार से विभाजित किया गया हैं जो प्रयोग के आधार पर विभाजित किया गया है।

हर्ष स्वर के उदाहरण

जैसे की, आपको पता ही है की, कोई मात्रा नहीं है, जैसे की अमल। वहीं का मात्रा ि होता हैं इसका एक उदाहरण किसान हो सकता हैं। और वहीं का मात्राहोता है जैसे इसका एक उदाहरण गुलाब हो सकता हैं। और वहीं का मात्राहोता है, इसका एक उदाहरण तृण हैं।

आप इसका ध्यान अवश्य रखें कि, इन शब्दों को उच्चारित करते वक़्त आप कम से कम समय में शब्द को अपने मुख/मुँह से बाहर निकाले, तभी इनका उच्चारण सही माना जायेगा।

Last Word:

तो दोस्तों, अब आप अच्छे से समझ गए होंगे के ह्रस्व स्वर उस स्वर को बोला जाता हैं, जिनको बोलते वक़्त कम से कम समय दिया जाता हो। और साथ ही इसके कुल संख्या 4 की होती हैं जो निम्नलिखित — अ, इ, उ, ऋ। इसके शाब्दिक उदाहरण अमल, किसान, गुलाब और तृण होते हैं।

हमें पूर्ण उम्मीद हैं कि, हमारा ये आर्टिकल आपको अवश्य ही पसंद आया होगा और साथ ही आपको लाभदायक भी लगा होगा।

अगर ह्रस्व स्वर से जुडी आपके पास कोई प्रश्न हो, या इस पोस्ट में कुछ और जानकारी की कमी लग रही हो, तो आप निचे कमेंटबॉक्स में बेझिझक कमेंट के माध्यम से अपना महत्पूर्ण टिप्पणी अवश्य ही करें। हमारी टीम सदैव ही आपके द्वारा कमेंट पाने के लिए उत्साहित रहती हैं, हम जल्द से जल्द आपकी कमेंट्स का रिप्लाई करने में हर सम्भव कोशिस करेंगे।

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